नशे की प्रवृत्ति

 मेरा सभी को नमस्कार नशे की प्रवृत्ति छोटे से शुरू होकर के बड़े तक जाती है और बड़े से बड़े नशे तक खत्म होती है जो कि लंबे समय तक नशा रहता है उसके आदि होने के लिए व्याकुल रहते हैं देर तक नसे में रहना आदि ऐसी आदत पकड़ने की कोशिश करते हैं नशे में रहने वाला व्यक्ति ?


लेकिन व्यक्ति बुरा नहीं है लेकिन उसकी प्रवृत्ति बुरी होती है जिनको समाज की कुरीति कहा जाता है?
इसमें मेरा आपका, दूसरे का, बगल का, दूसरे के परिवार का, मेरे परिवार का, मेरी इज्जत,उसकी इज्जत, से लेना-देना नहीं है आदि ऐसे प्रश्नों का कोई लेना-देना नहीं होता है !

नशे को रोकने के लिए खुल के सामने आए और रोके बोल करके कौन आपके क्षेत्र में नशा करता है ?
क्योंकि यह हमारे आपके आने वाले पीढ़ी को भी बर्बाद कर सकता है और आने वाले समय में पूरे राज्य और देश को भी बर्बाद कर सकता है?

ऐसा अन्य देशों में भी महा अभियान चला करके तस्करों को खत्म करने की नौबत आ चुकी थी जिसके लिए महा अभियान चला गया पूरे देश में क्योंकि वहां देश की युवा पीडियो को ही बर्बाद करने तक नौबत आ गई थी इसलिए ऐसा अपने क्षेत्र या अपने आसपास के क्षेत्र में न होने दे क्योंकि जहां हम रहते हैं हम कितने भी अच्छे हो लेकिन समाज अच्छा नहीं हो रहा है तो बहुत बड़ा कारण है?
वह आगे ज्यादा नहीं चल सकता समाज?

इसीलिए समाज में नियम कायदे अनुशासन व्यवहार संस्कार लोकतांत्रिक मूल्य का पालन करना आदि रखे जाते हैं जिससे वर्तमान और भविष्य को बनाया जाता है!
" कोई आवश्यकता तभी तक अच्छी है जब तक उसके आदि ना हो कोई" जिसको कुरीति को मिटाने के लिए जन प्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, सम्मानित लोगों का बहुत बड़ा महत्व हो चुका है प्रजातंत्र देश में !

निवेदक करता!
पुकार स्किल डवलपमेंट फाऊंडेशन कालसी उत्तराखंड

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