उत्तराखंड में मूल निवास की अवधि 1950 से की जाए
उत्तराखंड में मूल निवास की अवधि 1950 से की जाए व उत्तराखंड में भूमि कानून सख्त होना चाहिए क्योंकि बाहर से आए लोगों उत्तराखंड मैं एस.टी, एस.सी, ओ.बी.सी के प्रमाण पत्र बना दिए गए हैं ?
जिससे यहां के मूल निवासियों को नौकरी ढूंढने और बेरोजगारी की समस्या खड़ी हो चुकी है प्राइवेट संस्थानों में 80% रोजगार मूल निवासियों को हो,जबकि रोजगार बाहर के लोगों द्वारा लिया जा रहा है
जिनकी सरकार द्वारा जांच लगाई जाए जिनका आधार मूल निवास की अवधि 1950 के माध्यम से जांच होनी चाहिए निवेदन करता शिक्षित होना ठीक है लेकिन गरीबों का हक़ लूटना उससे भी अशिक्षित होता है और यहां गैर कानूनी माना जाता है" उत्तराखंड बढ़ रहा है जनसंख्या बढ़ रही है
लेकिन मूल निवासियों के लिए कानून सख्त होना चाहिए ताकि उनके अधिकार सुरक्षित रहे नए कर बढ़ रहे हैं क्राइम भी बढ़ रहा है समृद्धि भी बढ़ रही है लेकिन कानून ढीले हैं
जो की सख्त होना चाहिए सभी तरीके के
सामाजिक सुरक्षा स्वतंत्रता और विकास के लिए- पुकार स्किल डेवलपमेंट डेवलपमेंट फाउंडेशन कालसी उत्तराखंड भारत www.facebook.com/pukarskilldevelopmentfoundation https://pukarskilldevelopmentfoundation.blogspot.com
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